यह छोटा पर्वत (ताओ फुंग) की चोटी पर समुद्र तल से लगभग 170 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और दक्षिण–पूर्व एशिया के सबसे पुराने लाइटहाउसों में गिना जाता है। 1862 में बा रिया–वुंग ताउ के समुद्री मार्गों पर जहाज़ों को दिशा देने हेतु निर्मित इस प्रकाशस्तंभ का 1913 में जीर्णोद्धार और ऊँचाईवर्धन किया गया, जिससे इसका वर्तमान स्वरूप बना।
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18 मीटर ऊँचा यह बेलनाकार टावर सफेद रंग से पुता है। अंदर सर्पिल सीढ़ियाँ हैं जो शीर्ष तक ले जाती हैं, जहाँ उच्च‑क्षम क्षमता वाली प्रकाश व्यवस्था लगी है, जिसकी संकेत दूरी 65 नॉटिकल मील तक बताई जाती है। टावर के चारों ओर विस्तृत बालकनी है, जहाँ से वुंग ताउ शहर, लहरदार तट, रोमांटिक कोस्टल रोड और दूर तक फैला सागर एक साथ दिखाई देता है।
लाइटहाउस तक की यात्रा भी रोचक है: पेड़ों की छाया से ढकी घुमावदार पहाड़ी सड़क, ताज़ी हवा, और हर मोड़ पर बदलते दृश्य। ऊपर पहुँचने पर शांति, ठंडी हवाएँ और आकाश–समुद्र की पृष्ठभूमि में खड़ा लाइटहाउस बेहतरीन फोटो‑मौके देता है। यह सिर्फ इतिहास का धरोहर नहीं, बल्कि वुंग ताउ आने पर मिस न करने योग्य स्थल है।